After Niharika Singh, Nawazuddin Siddiqui's First Girlfriend Sunita Rajwar HITS BACK; Says She Left Him For His “Poor Thinking”

Nawazuddin Siddiqui's first girlfriend Sunita Rajwar took to Facebook to blast the actor for fabricating false stories about their relationship and manipulating facts. Read on to know her side of the story...
Nawazuddin Siddiqui's biography, which released a few days back, has become the talk of the town. It has left a lot of people aghast, especially the women who have been talked about in the book.
 
First it was Nawaz's Miss Lovely co-star Niharika Singh, and now it's his first girlfriend, Sunita Rajwar.
 
Yes, Sunita took to Facebook post titled 'Why i left Nawaz' in a really long post to hit back at Nawaz. Here's what she had to say:
 
“An Ordinary Life” Of “Extraordinary Lies”
 
The real truth behind why I left Nawaz?
 
कहते हैं नसीब वक्त बदल सकता है, इंसान की फितरत नहीं। नवाज़ की किताब पड़कर कुछ एसा ही लगा और यकायक ‘मेलाराम वफ़ा’ का एक शेर याद आ गया, “एक बार उसने मुझको देखा था मुसकुराकर, इतनी सी हकीकत है बाकी कहानियां हैं” । क्योंकि इस बायोग्राफी में काफी हद तक सिर्फ छपाई है सच्चाई नहीं, कई बातें नवाज़ ने अपने मन से, अपने हिसाब से और अपने हक में लिखी हैं, चित भी मेरी पट भी मेरी टाइप्स। उन्होने बड़ी ही खूबसूरती से खुद को बुरा भी कह दिया है और उतनी ही खूबसूरती से अपनी बुराई का सारा ठीकरा औरतों पर भी फोड़ दिया है, खासकर मुझपे क्योंकि उनकी माने तो मेरे बाद उनका प्यार से और औरतों से विश्वास ही उठ गया था और उनके सारे इमोशन्स RIP यानी रेस्ट इन पीस हो गये थे। बहरहाल, उनकी बायोग्राफी में जहां तक मेरा सवाल है तो उनके झूठ का फलसफा वहीं से शुरु हो जाता है जहां से मेरा जिक्र, यानी शुरुआत की पहली दो लाइन से ही, जहां नवाज़ कह रहे हैं कि वो मुझे एन.एस.डी में कभी नही मिले। NSD में वो मेरे एक साल सीनियर थे तो ज़ाहिर है मुलाकात तो होती होगी, हां उस वक्त हमारे बीच कुछ था नहीं, लेकिन ये कहना कि कभी मिले ही नहीं ये अटपटा सा ज़रूर लगता है। फिर उन्होने कहा कि मैं उनके घर की दीवारों में आर्ट-वर्क करती थी, हमारे नाम उकेरा करती थी, दिल बनाया करती थी जिनके बीच से होकर कभी-कभी तीर भी गुज़रा करता था। ये पड़ कर एसा लगा मानो मैं उनसे मिलने नही बल्कि उनकी आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स क्लास लेने जाया करती थी। हद तो तब हो गई जब उन्होने रोमांटिक बॉलीवुड मूवी स्टाइल में लिख दिया कि हमारे ब्रेक-अप के बाद उन्होने वाइट पेंट की बाल्टी ली और ब्रश से मेरे आर्ट-वर्क को दीवार से और मुझे दिल से मिटाते गए। अब सवाल ये उठता है कि जब मैंने कभी कोई आर्ट-वर्क बनाया ही नही था तो वो किसके आर्ट वर्क को मिटाने की बात कर रहे हैं? चलो इन छोटी-छोटी बातों को नज़र अंदाज़ भी किया जा सकता है, लेकिन असली खेल तो उन्होने वहां खेला जहां हमारे ब्रेक-अप की बात आई। नवाज़ हमेशा से Sympathy seeker रहे हैं, वो कोई एसी चीज़ नही छोड़ते जहां से सहानुभूती बटोरी जा सकती हो, कभी अपने रंग रूप को लेकर, कभी गरीबी को लेकर, कभी ये कहकर की वो वॉचमैन की नौकरी कर चुके हैं, जब की सच तो ये है कि उस वक्त उनका फैमली बैकग्राउंड मेरे फैमली बैकग्राउंड से अच्छा था। एक कामयाब आदमी को इतना इनसैक्योर देखकर कामयाबी से डर सा लगने लगता है कभी-कभी। ख़ैर, नवाज़ का कहना है कि वो गरीब थे और स्ट्रगलर थे इसलिये मैने उन्हें छोड़ दिया। तो नवाज़ मैं क्या थी, तुम से गरीब तो मैं थी, तुम तो कम से कम अपने घर मैं रह रहे थे मैं तो दोस्त के घर में रह कर स्ट्रगल कर रही थी। ये सिर्फ तुम अच्छी तरह जानते हो कि हमारा रिश्ता एक प्ले से शुरु होकर उस प्ले के मात्र तीन शो से पहले खत्म हो चुका था, क्योंकि तुम्हारी सच्चाई मेरे सामने आ चुकी थी। मैंने तुम्हारा फोन लेना छोड़ दिया था क्योंकि घिन आती थी तुम्हारे बारे में सोच कर, बात क्या करती तुमसे। मैंने ये कभी नही कहा कि तुम अपने करियर पे फोकस करो और मैं अपने। अब जब तुम सब हदें पार कर ही चुके हो तो ये भी जान लो कि मैंने तुम्हें क्यों छोड़ा था, मैंने तुम्हें इसलिए छोड़ा था क्योंकि तुम हमारे संबंध का मज़ाक बनाते हुए सब व्यक्तिगत बातें हमारे कॉमन फ्रेंड्स के साथ शेयर किया करते थे। तब मुझे पता चला कि तुम औरत और प्यार के बारे में क्या सोच रखते हो। दूसरा बड़ा झूठ जिसने मुझे ये पोस्ट लिखने के लिए मजबूर किया वो ये कि तुम्हारे सफल होने पर मैंने लोगों को ये बताना शुरु कर दिया कि कभी तुम्हारे और मेरे गहरे संबंध थे। ना मैंने तब किसी को कुछ बोला था और ना आज तक किसी को कुछ बताया। फिर इतना बड़ा झूठ क्यों नवाज़, अगर बहोत सच्चे बनते हो तो उन लोंगो का नाम भी छाप देते अपनी बायोग्राफी में जिनके साथ मैं तुम्हारे हिसाब से तुम्हारे सफल होने के बाद हमारे संबंधों का बखान किया करती थी। तुमने लिखा है कि मैं तुम्हारा पहला प्यार थी, सूखे में पहली बारिश की तरह, अगर ये पहला प्यार था तो भगवान करे किसी को एसा पहला प्यार ना मिले। आज नाम है तुम्हारा, अच्छा काम कर रहे हो, इसलिए तब तो नही कहा था पर अब जरूर कहूंगी कि अपने करियर पर फोकस करो। मैंने तुम्हें तुम्हारी गरीबी की वजह से नही तुम्हारी गरीब सोच की वजह से छोड़ा था। तुमने अपनी बायोग्राफी से साबित कर दिया कि मैं जिस नवाज़ को जानती थी तुम आज उससे ज्यादा ग़रीब हो। ना तुम्हे तब औरतों की इज़्जत करनी आती थी और ना ही अब सीख पाए हो। तुम्हारे हालात पर बस इतना ही कहुंगी, “ जा, तू शिकायत के काबिल होकर आ, अभी तो मेरी हर शिकायत से तेरा क़द बहुत छोटा है”।। और हाँ, मैं पहाड़न नही, पहाड़ हूँ...
 


Sunita talks about how Nawaz has portrayed their relationship, especially their break-up to be something that it  wasn’t.
In the book, Nawazuddin had written about how after his break-up with Sunita, he had decided that he would never be as emotional again in any relationship. Nawazuddin was in fact so affected by the end of their “deep, passionate love” that he “plunged into deep, deep depression” and was even thinking of committing suicide. “I took a bucket of fresh white paint and began to replace her artwork on my walls with the blank canvas that they were before,” Nawaz had written and he even justified that maybe Sunita wanted to “date someone successful, not a struggling, desperate actor who was out of work.”
 
Not just this, Nawaz even went ahead to talk about how “today, Sunita tells everybody that she was once together with me in a very serious relationship.”
 
Sunita had another story to tell on this matter and it was strikingly a very different one. Nawaz had said that despite both Sunita and him being from NSD, they never met on campus. But Sunita said that it was true that they didn't have a relationship during NSD but to say that they never met at all, was not true.
 
Nawaz went ahead to say, “You remember those old-fashioned hearts with the names of lovers in it, sometimes with an arrow across it, sometimes without? Her doodles (on his wall) were something like that.” Sunita even denied this whole thing by saying that she never drew anything on his wall, then how could he paint the artwork all white again.
 
Now most importantly, talking about their break-up, Sunita also blasts Nawaz by saying that he was always a sympathy seeker. It was because of this fact that he wrote Sunita left him because he was poor. Sunita questions that she was even more of a struggler than Nawaz at that time, so how could she consider him poor? At least Nawaz had his own house, but Sunita had to move in to a friend's apartment, she said.
Finally talking about the true reason for their break-up, Sunita said that she was disgusted by Nawaz. And why so? Because she had found out that Nawaz had been revealing intimate details of their affair to some mutual friends while making fun of it. So, that is when Sunita allegedly came to know of his thoughts about relationships and women and she, therefore, decided to move away from him.
 
On parting shots, Sunita said, “I did not leave you because you were poor, but because of your poor way of thinking.”
 
Let's wait and watch what Nawazuddin has to say about these accusations levied by Sunita.

Image Source: instagram/nawazuddinsiddiqui

RELATED NEWS