EXCLUSIVE: वीरे दी वेडिंग की कामयाबी से लेकर पद्मावत विवाद तक स्वरा भास्कर ने की दिल से बात

स्वरा भास्कर ने स्पॉटबॉय से खुलकर बात करते हुए फिल्म वीरे दी वेडिंग की कामयाबी, बॉयफ्रेंड, पद्मावत विवाद और ट्रोल पर ढेर सारी बातें की और अपनी राय खुलकर रखी. आप भी देखिए स्वरा का ये खास इंटरव्यू.

क्या आप सच में उम्मीद थी कि वीर डी वेडिंग सफल रहेगी?

मुझे इस फिल्म को लेकर काफी भरोसा कि यह अच्छा करेगी. ये युवा शहरी की युवा भावनाओं को व्यक्त करनेवाली फिल्म हैं. लेकिन ये फिल्म पहले दिन डबल डिजिट में कमाई करेगी इसका भरोसा नहीं था. मैंने सोचा कि पहले दिन यह 6 करोड़ रुपये तक की कमाई करेगी. करीना और मैं सट्टेबाजी कर रहे थे, हम दोनों घबराए थे, यहां तक ​​कि करीना ने भी महसूस किया कि यह पहले दिन 6 करोड़ रुपये तक कारोबार करेगी. लेकिन हमने निश्चित रूप से 10.7 करोड़ रुपये की उम्मीद नहीं की थी. हमने कर दिखाया.

क्या आपके वैसे दोस्त है जैसा कि आपको फिल्म में हैं?

मैं ऐसे किसी को नहीं जानती जो साक्षी की तरह हो. मैं इस किरदार के बोल्ड अवतार से डर गई थी. इसलिए मैंने रिया और शशांक (घोष, निर्देशक) को कहा था कि साक्षी के किरदार को इतनी बोल्ड नहीं बनाते हैं. जैसा की मुझे याद है कि एक सीन था जहां मैंने चौकीदार से कहा कि बोलो मुझे यहां कार पार्क की अनुमति नहीं है वरना मैं कार यहीं पंक्चर कर दूंगी. उसके बाद मैं दोबारा उसपर चिल्लाती हूं करे दे पंक्चर, करके दिखा, जला दूंगी.

मेरे पास पागल दोस्त हैं, और मैं खुद पागल हूं, लेकिन मेरे कैरेक्टर को बनाने के लिए वास्तव में मेरे पास सटीक रेफेरेंस पॉइंट नहीं था. मैंने बस मेरे आस-पास के लोगों को और अधिक बारीकी से देखना शुरू कर दिया जिनके साथ मैंने बातचीत की, यहां से और वहां से उनकी कुछ खासियत को उठाया है.

कुछ फिल्म क्रिटिक्स ने महसूस किया कि फिल्म चारों पात्र रियल नहीं बल्कि उन्हें ईजाद किया गया है.

मुझे ऐसा नहीं लगता. फिल्म में दोस्ती की भावना काफी वार्म और असली थी. लेकिन वैसे भी, उन्होंने जो भी कहा उस बात का मुझे किसी भी तरह से बुरा नहीं लगा. मैं उनके साथ सहमत नहीं हो सकती लेकिन मैं उन्हें रोक नहीं सकती. हम में से प्रत्येक अपनी राय के हकदार है. किसी भी फिल्म की 100 प्रतिशत लोग तारीफ नहीं कर सकते. अगर मेरे काम की आलोचना की जाती है तो मैं पागल हो जाती हूं.

वीर दी वेडिंग ने मेरी राय में जीत दर्ज की है...क्योंकि उसने एक चर्चा शुरू कर दी है. मुझे याद है पिंक आखिरी फिल्म थी जिसने चर्चा शुरू की थी...

हां. जब भी महिलाएं सोच से परे कुछ करती हैं तो चर्चा शुरू हो जाती है.

विशेष रूप से हमारे देश में ...

मुझे लगता है दुनिया में हर जगह.

हां?

हां, एक आदमी एक लड़की को मार सकता है बदतमीजी कर सकता है. और यह गुस्से की तरह पास हो जाएगा. कई दशक तक हमारा सिनेमा एंग्री यंग मैन से भरा हुआ था. हमारे पास ये जवानी है दीवानी में बनी नामक एक चरित्र था, जो अंत तक नहीं जानता था कि वह लड़की से प्यार करता है या नहीं. हमारे पास एक सिद था जो नहीं जानता था कि वह जीवन में क्या चाहता था. क्या हम ऐसी आजादी हिरोइन के लिए दे सकते हैं? नहीं, सिर्फ इसलिए कि वह एक लड़की है. अब औरतें इस बात के साथ सामने आ रही हैं और उन्हें पता है कि उनके साथ क्या हो रहा है.

तो, क्या ऐसे विचारों वाली लड़की स्वरा भास्कर कभी अपने माता-पिता से लड़ी है? क्या वह बचपन में एक विद्रोही थी?

माता-पिता के साथ कौन नहीं लड़ता? मैंने अपने भाई के साथ बहुत लड़ाई की है. मैं खुद को एक विद्रोही के तौर पर बता नहीं सकती. क्योंकि मैं उनके बहुत करीब हूं. मैंने कभी भी अपने बॉयफ्रेंड के बारे में उनसे झूठ बोला नहीं, भले ही वे परेशान हो जाएं.

मुझे याद है मैंने डीडी पर कई फिल्में देखी है जहां आमतौर पर महिलाएं बिना शादी के मां होती थी. इसलिए, मैंने हमेशा अपने माता-पिता को लूप में रखा जब भी कोई बॉयफ्रेंड मेरी लाइफ में आया.

तो, आप मूल रूप से डर गए थे कि ...

(रोकते हुए) सुनो, अब मैं समझ चुकी हूं कि बायोलॉजी क्या है. तो अब ऐसा नहीं होगा. मैं उस समय के बारे में बात कर रहा हूं जब मुझे नहीं पता था ... आप जानते हैं कि मेरा क्या मतलब है. मुझे अपने माता-पिता पर बहुत गर्व है, वे मेरी रीढ़ हैं.

क्या आप कभी किसी परेशानी में फंसे हो?

कई बार क्लास बंकिंग के चक्कर में. लेकिन मैं एक अच्छी स्टूडेंट थी और टीचरस मुझे प्यार करते थे. लेकिन हां एक बार एक टीचर ने प्रिंसिपल से मेरी शिकायत की थी कि मैं लंच के दौरान लड़के के बहुत करीब बैठी थी.

आपने जानबूझ कर ऐसा किया होगा ...

खैर, हम एक तरह डेट कर रहे थे. लेकिन उस टाइम पर डेटिंग क्या था?  सिर्फ एक दूसरे के साथ बैठकर खाना खाते थे.

और तब? प्रिंसिपल केबिन में क्या हुआ?

(हंसते हुए) टीचर ने प्रिंसिपल को बताया था कि मैं लड़के की गोद में थी. मैं चौंक गई. मैंने प्रिंसिपल के साथ बहस की और उन्हें बताया कि ऐसा नहीं हुआ था. मैंने उनसे कहा कि लड़के को भी बुलाया जाना चाहिए. मैं अकेले क्यों?

स्वरा मैं आपसे कहना चाहूंगा कि बड़े पैमाने पर लोगों ने आपको तब नोटिस किया जब आपने भंसाली को लेटर लिखा. जो पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया.

वेल, ये आपके अकेले की राय है (हंसते हुए)

खैर, मैंने कहा 'बड़े पैमाने पर'

(हंसते हुए) मैंने इसे उनके अपमान के रूप में नहीं देखती. वैसे वाजिना एक बुरा शब्द नहीं है. यह विनम्रता से लिखा हुआ पत्र था. आप भूल रहे हैं कि जब मैं करनी सेना ने संजय सर के साथ बुरा बर्ताव किया था तो मैं उसका पुरजोर तरीके विरोध किया था. मेरा लेटर एक गहरी धारणा से जुड़ा हुआ था. जब हम इतिहास का प्रतिनिधित्व करते हैं, तो इसे आज के संदर्भ में गलत समझा जा सकता है.

आप एक फिल्म बना रहे हैं जहां आप एक मुसलमान को रूढ़िवादी बनाते हैं और फिर जौहर की महिमा करते हैं. अगर मैं बलात्कार पीड़ित होती, तो मुझे लगता है कि मैं एक डरपोक थी मेरा रेप होने से पहले ही मुझे खुद को मार डालना चाहिए था. यह एक काल्पनिक कहानी थी, एक रूपक कहानी ... लेकिन लेंस से आज का था ना?

मैं संजय सर के अपॉइंटमेंट लेकर उनके सामने अपने विचारों के बारे में बता सकती थी. लेकिन उनकी फिल्म पहले से ही राष्ट्रीय मुद्दा बनी हुई थी.मैं अपनी बात कोई इस तरह रखती हूं आप किसी बलात्कार पीड़ित पर भार नहीं डाल सकते हैं और उसे दोषी महसूस करा सकते हैं.

मुझे भंसाली का वकील बनने दो अगर वो इतिहास के साथ छेड़छाड़ कर रहे होते तो उन्हें फिर से थप्पड़ मार दिया गया होता...

मैं उन सब में शामिल नहीं होना चाहती. मुझे नहीं लगता कि मुझे अधिकार है कि मैं आइकोनिक संजय सर को निर्देशन कैसे करना है ये बोलू. उन्हें किसी भी व्यक्ति से सीखने की जरूरत नहीं हैं. कम से कम युवा भास्कर के विचारों की आवश्यकता तो बिलकुल नहीं.

'युवा' शब्द का अच्छा इस्तेमाल किया आपने.

तो हां, संजय सर और मेरी अच्छी चैट हुई थी मैंने उनसे कहा कि उन्हें सभी की सहानुभूति मिली है और मुझे सभी की गलियां.

ये इंटरव्यू अधूरा है बिना वीरे के उस मास्टरबेशन वाले सीन के बारे में बात के...

मुझे लगा लोगों को शॉक लगेगा. लेकिन सिर्फ नानियों को झटका लगेगा ये मैंने नहीं सोचा था. (हंसते हुए) 

RELATED NEWS