Exclusive: श्रीदेवी,आदित्य चोपड़ा,आदिरा और हिचकी पर रानी मुखर्जी ने की दिल खोलकर बातें

देखिए रानी मुखर्जी का सबसे बिंदास और एक्सक्लूसिव इंटरव्यू, बेटी आदिरा से लेकर फिल्म हिचकी तक पर एक्ट्रेस ने की ढेर सारी बातें

हम आजकल आपको फिल्मों में इतना कम क्यों देखते हैं? क्या हुआ है?

(हंसते) कुछ नहीं हुआ है. मैं अब से हर साल कम से कम एक फिल्म करके आपकी इस शिकायत को दूर कर दूंगी. अगर 2 ना कर सकी तो. मैं अब ज्यादा नजर आने की कोशिश करूंगी. मेरी मैटरनिटी लीव खत्म हो चुकी है और मैं वापस आ गई हूं.

आदिरा के जन्म के बाद, क्या आप केवल उन फिल्मों को करना चाहते हैं जो कि महत्वपूर्ण हैं?

बेशक, क्योंकि जब आप मां बनते हैं, तो यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने बच्चे के आसपास अपने जीवन को प्राथमिकता दें. आदिरा अभी भी बहुत छोटी है. ऐसे में वो फिल्म जरूर खास होनी चाहिए क्योंकि उसके लिए मुझे ध्यान देना पड़ेगा और टाइम लगाना होगा.

rani mukherji poses for a shoot

रानी मुखर्जी 

तो, आपने पिछले एक साल में कितनी फिल्मों को इनकार किया है?

बहुत ज्यादा नहीं, वास्तव में (हंसते हुए)


हिचकी वो फिल्म कैसी बनी? जिसने आपके ध्यान और समय को खिंचा?

जब हिचकी YRF के पास आई थी उस वक्त मैं प्रेग्नेंट थी. ये फिल्म पहले एक दूसरी एक्ट्रेस को ऑफर हुई थी. उस एक्ट्रेस ने एक साल YRF को इंतजार करवाया और बाद में डेट्स ना होने का रीज़न बोलकर और दूसरे कई कारण बताकर मना कर दिया.

मनीष शर्मा को कुछ महीने पहले पता चल गया कि मैं वापस आने के लिए तैयार हूं, और उन्होंने आदि (आदित्य चोपड़ा, पति) से पूछा कि इस फिल्म के लिए मैं उनकी पहली पसंद हूं, क्या वह मुझसे संपर्क कर सकते है? आदी ने उसे आगे बढ़ने के लिए कहा, और चीजें बहुत जल्द बन गई.

तो उसके बाद मुझे फिल्म का सब्जेक्ट बेहद दिलचस्प लगा. खासकर कि कैसे फिल्म की नायक जो टॉरेट सिंड्रोम (Tourette Syndrome) नाम की बीमारी से जूझ रही है वो उसी को अपनी ताकत में बदल देती है.

यह फिल्म इस बात पर भी ध्यान केन्द्रित करती है कि हमारा समाज कम बुद्धिमान बच्चों और गरीब बच्चों के खिलाफ कैसे भेदभाव करता है. हिचकी एक बहुत संवेदनशील फिल्म है

नैना माथुर का किरदार बेहद चुनौतीपूर्ण रहा है और यह मेरी वापसी के लिए बिल्कुल परफेक्ट था.

maneesh sharma

मनीष शर्मा  (डायरेक्टर)

क्या आपने उन लोगों के साथ बातचीत की है जो टॉरेट सिंड्रोम से पीड़ित हैं?

हमने कोशिश की, लेकिन उसमें बहुत आगे नहीं गए. अजीब बात है, भारत में बहुत कम लोग जानते हैं कि टॉरेट सिंड्रोम क्या है. हमने लोगों से आगे आने के लिए कहा था लेकिन बहुत कम माता-पिता अपने बच्चों को लाने वाले थे.

 मैं इसे परफेक्ट तरीके से करना चाहती थी सो, हम तब ब्रैड कोहेन के पास गए. जिनसे हिचकी प्रेरित है. ब्रैड और मैंने कई बार बातचीत की. मैं समझ सकती हूं कि वह किस तरह के मुश्किलों और कष्टों से गुजरे हैं.

मुझे स्वाभाविक दिखना पड़ा, इसलिए मैंने खुद से आवाजें निकाली और निर्देशक (सिद्धार्थ मल्होत्रा) को दिखाया, उन्होंने इसे अनुमति दे दी और हम शूटिंग करने लगे. ब्रैड ने ट्रेलर को देखा है और उन्हें काफी पसंद आया.

brad cohen motivation speaker

ब्रैड  कोहेन  (प्रेरक वक्ता )

क्या हिचकी आपकी अब तक की सबसे मुश्किल भूमिका है?

नहीं, मुझे लगता है कि ब्लैक मेरी सबसे मुश्किल भूमिका थी. हिचकी दूसरे नंबर पर आएगी.

rani mukerji in the movie black

फिल्म : ब्लैक 

शादी के बाद जीवन बदल गया है?

नहीं, लेकिन मां बनने के बाद बदल गया है. मेरा दिन आदीरा के साथ शुरू होता है और उसकी के साथ खत्म. सबसे पहले  मेरा जीवन मेरे माता-पिता के आसपास घूमता था.

क्या आदिरा एक शरारती बच्ची है?

हम्म् ... नहीं एक मां से उसके बच्चे के बारे में मत पूछो. (हंसते हुए)

बॉलीवुड सितारों के बच्चों को लगातार पापाराजी का सामना करना पड़ता है. शाहिद कपूर इसके साथ बहुत सहज नहीं हैं, लेकिन सैफ अली खान माइंड नहीं करते. आपका क्या टेक है?

मैं दूसरों के बारे में कोई राय नहीं दूंगी, लेकिन मुझे लगता है कि हर बच्चे का एक सामान्य बचपन होना चाहिए और उसे बेवजह अटेंशन नहीं देना चाहिए. आदी और मुझे लगता है कि उसे अटेंशन जरूर मिलना मिलना चाहिए लेकिन जब वो उसकी हकदार हो तभी.

hichki poster featuring rani mukerji

फिल्म : हिचकी (पोस्टर)

नायकों और नायिकाओं के बीच वेतन असमानता पर आपका क्या कहना है?

हम उस प्रोडक्शन हाउस के साथ काम कर रहे हैं जो निष्पक्ष है. जिस दिन एक अभिनेत्री की फिल्म की ओपनिंग दूसरे एक्टर्स की फिल्मों की तरह होगी. उनके बीच का ये अंतर गायब हो जाएगा.

हाल ही में देश ने श्रीदेवी के रूप में एक अद्भुत अभिनेत्री को खो दिया है, वह आपके लिए बहुत करीबी थी ...

हां, वह मेरे बहुत करीबी थी मैं चांदनी और लम्हे जैसी फिल्मों देखकर बड़ी हुई हूं. उनका निधन मेरे लिए व्यक्तिगत नुकसान था वह मेरी प्रेरणा स्रोत थी. हम आदिरा के पैदा होने के बाद और भी करीब आ गए थे. उन्होंने मुझे मां बनने के बाद कई टिप्स दिए. हम वास्तव में एक अच्छे दोस्त थे. मैंने हाल ही में अपनी जिंदगी के 2 महत्वपूर्ण लोगों को खो दिया है- श्रीदेवी और मेरे पिताजी. मृत्यु जीवन का कड़वा सच है.

आपने आखिरी बार श्रीदेवी से कब बात की थी?

मैं हिचकी के प्रचार के लिए व्यस्त थी और वह दुबई गई थी (मोहित मारवा की शादी के लिए) उन्होंने मुझे करीब 15-20 दिन पहले (उनकी डेथ के) बुलाया था. उसने कहा, "लाडो – वो मुझे लाडो कहकर बुलाती थी. मुझे हिचकी देखना है." मैंने उनसे कहा, "मां, जरूर मुझे इस पर आपकी राय की ज़रूरत होगी और आप इसे जल्द ही देखेंगी.”

और ये रह गया?

हां, डैड भी नहीं देख पायेंगे और श्रीदेवी भी नहीं.

 

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