संजू पर नम्रता दत्त का रिएक्शन: रणबीर अच्छा था लेकिन मेरी नज़र में कोई मेरे पिता का किरदार नहीं निभा सकता

संजय दत्त की बायोपिक 'संजू' कुछ दिन पहले रिलीज़ हुई और फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खूब धमाका मचा रही है. फिल्म रिलीज़ के बाद हमने संजय दत्त की बहन नम्रता से बातचीत की और उनके विचार पूछे

संजय दत्त की बायोपिक 'संजूकुछ दिन पहले रिलीज़ हुई और फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खूब धमाका मचा रही है. फिल्म रिलीज़ के कुछ दिन पहले हमने संजय दत्त की बहन नम्रता से बात की थी. और अब फिल्म रिलीज़ के बाद एक बार फिर हमने उनसे बातचीत की और फिल्म के बारे में जाना. नम्रता ने फिल्म देखि ली है और हमने इस पर उनके विचार पूछे.

 

कुछ यूं रही हमारी बातचीत

 

क्या आपने संजू देखि?

 

हांमुझे यह पसंद आया लेकिन परिवार के सदस्य होने के नाते जो बहुत निकटता से जुड़ा हुआ हैमेरे लिए इस पर टिप्पणी करना मुश्किल होगा. मैंने संजय के साथ के साथ सब देखा हुआ है. लेकिन हांरणबीर बहुत अच्छे थे और फिल्म मनोरंजक है.

 

क्या यह आपको उन कठिन दिनों में वापस ले गया?

 

इसका एक हिस्सा.

 

विशेष रूप से कुछ भी जो आपको फिर उस मुश्किल घड़ी के पास ले गया?

 

ड्रग्स वाला चरण. जेल भी बदतर था. मुश्किल समय थाखासकर मेरे पिता के लिए. बेशकसंजू के लिए भीऔर वह निश्चित रूप से एक फाइटर है. उसे इस एडिक्शन को छोड़ने की हिम्मत नहीं थी. यह आसान नहीं था. 

 

आप दोस्त के (विकी कौशल) ट्रैक के बारे में क्या सोचती हैं?

 

उसके पास कुछ बहुत अच्छे दोस्त रहे हैं.

 

क्या आपको दोस्त का ट्रैक पसंद आयामैंने सोचा कि यह थोड़ा बहुत मजेदार था...

 

मुझे बताया गया था कि उन लोगों ने उनके सभी दोस्तों को दिखाया हैइसलिए यह एक करैक्टर 1 में 5 था.

 

इसके अलावाउन्हें सपोर्ट सिस्टम दिखाना पड़ा क्योंकि उनके पास ऐसे दोस्त थे जो उनके लिए बहुत सहायक थेइसलिए एक दोस्त महत्वपूर्ण था.

 

आपके अनुसारसंजय दत्त का अब तक का बेस्ट रोल कौन सा है?

 

मुझे वस्तव में संजय पसंद आये. यहां तक ​​कि मुन्नाभाई सीरीज भी.

 

और परेश रावल (सुनील दत्त के रोल में) ट्रैक?

 

मैं अपने पिता का किरदार निभाते हुए किसी को भी नहीं देख सकती. वो स्पेशल थे


तोआपको फिल्म में परेश रावल पसंद नहीं आए

 

ऐसा नहीं है कि वो मुझे पसंद नहीं आए. मैंने कनेक्ट नहीं कियालेकिन मैं दर्शक नहीं हूं. मैं सुनील दत्त की बेटी हूं.

paresh

 

मैं समझता हूं तुम्हारा क्या मतलब है. मनीषा कोइराला (नर्गिस का किरदार निभाया फिल्म में) के ट्रैक के बारे में क्या?

 

वह भी ठीक थी. सुनील दत्त और नर्गिस की बेटी होने के नातेनिर्णय लेना मुश्किल है. यदि दर्शक उनके साथ जुड़े हैंतो यह बहुत अच्छा है! 

sanju

 

दीया मिर्जा (मान्यता का किरदार निभाया)?

 

देखोमैंने सभी पात्रों को जज नहीं किया. सभी ने अपना हिस्सा निभाया और मैंने फिल्म का आनंद लिया.

 

क्या आपने कभी सोचा था कि आखिर में आपके भाई अपनी सभी बाधाओं से दूर हो पायेंगेया,क्या आपने किसी पॉइंट पर उम्मीद ख़त्म कर दी थी?

 

जेल चरण बहुत मुश्किल था. इमोशनली टूट गयी थीलेकिन उसने हमेशा कमबैक किया है

sanjay

 

किस वजह से वो चलता रहा?

 

भगवान में विश्वासप्रार्थनापरिवार.

 

संजय दत्त कितने बदल गए हैं?

 

वह शांत हो गया है. वह क्रोध नहीं रखता है और दिन का हर पल जीता है.

father

 

उस दौरान जब आप बाहर निकलते थे तो क्या इसे अपने दिमाग से निकाल पाते थे... जैसे ही फिल्म देखते समय?

 

जैसा कि मैंने कहाखासकर मेरे पिताजी के लिए... यह हमारे जीवन में एक बहुत ही बुरा चरण था. पिताजी और संजय ने एक-दूसरे को ताकत दी. और,सच कहूं तो,मेरे पिता न सिर्फ मेरे भाई की ताकत थे बल्कि हमारी (नम्रता और प्रिया) ताकत भी थे.

sanjay dutt with sister namrata and priya

 

आपके पिताजी के स्वास्थ्य इससे प्रभावित हुआ होगामैं अनुमान लगा रहा हूं...

 

नहीं,उनका स्वास्थ्य प्रभावित होते हुए मैंने नहीं देखा.

 

और वो दिनजब सब ठीक हो गया?

 

मेरे पिताजी का निधन हो गया थाजब वह आखिरकार फ्री हुआ- पिताजी को याद किया. यह हमारे लिए बहुत भावुक था.

RELATED NEWS