नाना पाटेकर पर फूटा तनुश्री का गुस्सा, कहा- पिता अपनी बेटियों से इंटिमेट सीन्स करने के लिए नहीं कहते

10 साल बाद एक बार फिर तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर पर हमला किया है और कई सारे गंभीर आरोप लगाए हैं. साथ ही साफ़ किया कि वो इस बार जवाब देने के लिए तैयार हैं

क्या ये हम कह सकते हैं कि तनुश्री दत्ता इस समय टॉक ऑफ़ द टाउन हैं

इस पल में, शायद हां. लेकिन मैं चर्चा में नहीं रहना चाहती दरअसल मैं चाहती हूं कि जो मुद्दा मैंने उठाया है वो चर्चा में रहे. मैं चाहती हूं कि लोग सामने आए वरना एक समाज के रूप में हम ऐसे ही खराब हो जाएंगे. 

 

आपको बहुत कुछ पूछना है, लेकिन हम उस मुद्दे से शुरू करेंगे जो आपने उठाया हैं. यह यौन उत्पीड़न है, है ना?

पूर्ण रूप से.

 

यह 2008 में आपके साथ हुआ, आप कहते हैं. आप यहां एक छुट्टी पर हैं (तनुश्री अब न्यू जर्सी में रहती है), आप हाल ही में शादी हुई अपनी बहन (इशिता दत्ता) से मिलने आयी हैं. यह विषय फिर से कैसे शुरू हुआमुझे लगता है उस घाव के निशान अब भी हैं...

वो घाव के निशान बहुत गहरे थे. वो मेरे दिमाग और भावना पर हमला था.

 

आपकी विनम्रता पर भी हमला?

हां.

 

जारी रखें...

तो हां, मैं परिणामस्वरूप एक ट्रौमा से गुजरी हूं. बहुत सारे ख्याल आने लगे क्या सही क्या गलत. मैंने इसके बारे में भूलने की कोशिश की. फिर, मैं गुस्से में आ गई. उन्होंने मुझसे यह कैसे हिम्मत की? वे कैसे दूर हो सकते हैं और इंडस्ट्री उनके साथ कैसे काम कर रही हैं. और फिर, मुझे खुद पर संदेह होने लगा. क्या मुझे सेक्सी भूमिकाएं नहीं करनी चाहिए? क्या मुझे कुछ कपड़े पहने नहीं चाहिए? और अगर मैंने किया, तो यह मेरी गलती नहीं थी, इसका मतलब यह नहीं था कि मैं उपलब्ध थी. असल में मैं गलत समय पर गलत जगह पर थी.

 

रिवाइंड: गलत जगह, गलत समय ...

गलत स्थान था हॉर्न 'ओके' Pleassss. गलत लोग थे नाना पाटेकर, गणेश आचार्य और उनका गिरोह. मुझे बताया गया था कि यह मेरा सोलो सॉग हैं. मैंने निर्देशक (राकेश सारंग) से बारे में चेक किया था. 

जिन्होंने मुझे बताया कि वो केवल एक लाइन के लिए है. उन्होंने अपनी एक लाइन की शूटिंग कर ली उसके बाद भी वो सेट पर मौजूद रहे हैं. जिसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे करीब आना शुरू कर दिया.


अगले दिन, वह और भी करीब आ गए. और फिर, उनका व्यवहार बिलकुल बदल गया. उन्होंने गणेश आचार्य से बाहर निकलने के लिए कहा, और मेरा हाथ पकड़कर कहा 'इधर खड़ी हो जा उधर खड़ी हो जा' वो मुझे सिखाना चाहते थे कि डांस कैसे करे.


पूरा इंटरव्यू आप यहां देख सकते हैं.


 

आप कह रही हैं कि नाना सेट पर कोरियोग्राफर बनना चाहते थे.

वो बहुत अजीब थे.

 

और गणेश आचार्य वास्तव में वहां से बाहर चले गए?

हां, एक आज्ञाकारी बेटे की तरह. और गणेश आचार्य को यह भी एहसास नहीं हुआ कि वह नाना की बात मानकर वो गलत कर रहे थे. बाकी के अस्सिस्टेंट भी हैरान थे. 

  

आपने राकेश सारंग से शिकायत की?

उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की. उन्होंने बस कहा कि वह देखते हैं. 

 

और तब? 

मुझे नाना पाटेकर के साथ उसी तरह डांस करना चाहिए था. जब मैंने विरोध किया, तो उन्होंने कहा कि मैं 'सहयोग नहीं कर रही हं.' मुझे सीन करना ही पड़ेगा. वह हास्यास्पद था. तुम मुझे कैसे मजबूर कर सकते हो? यदि आप दावा करते हैं कि आप सम्मानजनक हैं, तो आपको हमेशा एक महिला के सहज स्थिती के बारे में विचार करना चाहिए, मैंने ऐसे मेल एक्टर के साथ काम किया है जिन्होंने किसिंग सीन्स देने से इनकार कर दिया है कि वे कॉम्फर्ट नहीं थे.

 

क्या नाना वहां थे जब ये निर्देश आपको दिए जा रहे थे?

हां, और मैं सेट से बाहर चली गई. कुछ ही समय में उन्होंने मीडिया और मनसे के लोगों को बुला लिया. जाहिर है, हंगामा करना चाहते थे. पूरा माहौल बदल गया. तब मैं एक प्रामाणिक स्टार नहीं थी. लेकिन उस समय नाना एक उम्र दराज और असफल एक्ट्रे थे. वो फिल्म उनके नाम पर नहीं बेची जा सकती थी. वरना मुझे स्पेशल सॉग के लिए क्यों बुलाया जाता.

 

उसके बाद मनसे के लोगों ने मेरी गाड़ी को नुकसान पहुंचाया. वो पूरा नजारा डरावना था. अच्छा हुआ पुलिस आ गई. 

  

क्या उसके बाद नाना ने आपको कुछ कहा

ना कोई माफी ना कोई विवेक.

 

उसके तुरंत बाद, आप न्यू जर्सी चले गए?

तुरंत बाद नहीं, असल में काफी बाद में. 

 

क्या फिल्म निर्माता अब आपके पीछे फिल्मों के लिए नहीं आ रहे थे? ये सोचकर कि आप एक परेशान करनेवाली एक्ट्रेस हो?

नहीं, इसके विपरीत मुझे कई फिल्में मिलीं- लगभग 30. उनमें से दो तुरंत मेरे साथ शुरू करना चाहते थे.

 

क्या आपने उन 2 फिल्मों को किया था?

नहीं, यह पॉसिबल नहीं था. मैं काफी मेंटल ट्रौमा में थी नाना वाला इंसिडेंट के बाद.

 

उन 30-40 फिल्मों के साथ क्या हुआ?

मेरे पिताजी ने उन्हें बताया कि मैं उनकी फिल्मों अभी करने की स्थिति में नहीं हूं.

 

तब ईशिता कितने साल की थी?

वह कॉलेज के फर्स्ट ईयर में थी.

 

वह जरूर डर गई होगी...

हां, और उसके बाद, वह इंडस्ट्री को लेकर काफी सतर्क हो गई. 

 

मैंने प्रोड्यूसर एसोसिएशन को भी शिकायत की. सभी प्रमुख लोग वहां मौजूद थे, लेकिन उनका रवैया दिल दुखा देने वाला था. वे मुझे देख रहे थे जैसे कि मैंने एक तथाकथित आदरणीय व्यक्ति के बारे में गलत बात कही हैं. मेरे पिता भी काफी डरे हुए थे.

 

अगर नाना आपसे माफी मांगे ले तो?

उनका बहुत स्वागत है. मैं अपने दिल में बातों को नहीं रखती. लेकिन वो कितने निचले दर्जे के इंसान हैं. उनके पास मौका था कि वो पीछे हट सकते थे. लेकिन आगे आए. उन्होंने कहा तू क्या बोल रही है मुझे हट जाने को अब तू मुझसे चुम्मा चाटी कर. वो मेंटल थे. उन्होंने गुंडे बुला लिए मुझ पर हमला करने के लिए. मीडिया के सामने कहा वो मेरी बेटी की जैसी है. नाना अब भले ही इन बातों को नाम माने कि वो इंटिमेट सीन की बात कही वो सारंग की चॉइस थी. वो कुछ भी कह सकते हैं. 

 

अब आप क्या चाहते हैं?

मुझे ये सब कहने के लिए काफी हिम्मत की जरुरत थी तब मैं 23 साल की थी. में फिर से इसलिए कह रही हूं क्योंकि मैं चाहती हूं कि और भी लोग सामने आए और अपनी बात कहें.

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