हिंदी दिवस स्पेशल: बॉलीवुड की ये 5 फिल्में बढ़ाती हैं हिंदी भाषा का सम्मान

आज के दौर में हर कोई अंग्रेजी बोलना चाहता है. अंग्रेजी भाषा को हिंदी भाषा से ज्यादा एहमियत दी जा रहीं हैं लेकिन कुछ बॉलीवुड फिल्में हैं जिसने हिंदी भाषा का सम्मान बढ़ाया गया है

हम हिन्दुस्तानी हैं. हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है लेकिन आज के दौर में हम सभी अंग्रेजी के पीछे भाग रहे हैं. हमारे देश में लोगों को लगता है कि जिसे अच्छी अंग्रेजी बोलने आती है वही सबसे समझदार और समाज में उठने बैठे के लायक है. जो लोग हिंदी में बात करते हैं उन्हें अक्सर अनपढ़ कह कर संबोधित किया जाता है. बात करें बॉलीवुड फिल्मों की तो यहां भी स्टार्स अब हिंदी से ज्यादा अंग्रेजी बोलते हुए नज़र आते हैं लेकिन कुछ फिल्में ऐसी भी हैं जो पूरी तरह से हिंदी भाषा को समर्पित हैं.

नज़र डालते हैं उन बॉलीवुड फिल्मों पर जो हिंदी भाषा का मान बढ़ाती है. उन फिल्मों पर, जिन्हें देख आप भी गर्व से हिंदी बोलेंगे.

हिंदी मीडियम

इरफान खान और सबा कमर स्टारर फिल्म हिंदी मीडियम साल 2017 की बड़ी फिल्मों में से एक है. इस फिल्म में सिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किये गए हैं. फिल्म में सबा कमर को इंग्लिश बोलने का बड़ा शौक होता है जबकि उनके पति इरफान को अंग्रेजी नहीं आती. ऐसे में ये कपल अपनी बेटी को शहर को सबसे बड़े स्कूल में पढ़ाना चाहते हैं ताकि वो अच्छी अंग्रेजी बोल सके.

इंग्लिश विंग्लिश

इस फिल्म में श्रीदेवी को अंग्रेजी बोलने नहीं आती और इसी वजह से उनके बच्चे और पति बात-बात में उन्हें ताना मारते हैं. एक शादी के चलते श्रीदेवी न्यूयॉर्क जाती हैं और अंग्रेजी सीखने के लिए क्लास लगाती हैं. उन्हें एहसास होता है कि अंग्रेजी बहुत आसन है और हिंदुस्तान में बिना वजह इसे पहाड़ बना रखा है.

नमस्ते लंदन

नमस्ते लंदन में अक्षय कुमार पूरी फिल्म के दौरान दिखाते हैं कि उन्हें अंग्रेजी बोलने नहीं आती. वो पूरी फिल्म में सिर्फ हिंदी ही बोलते हैं और हर मौके पर हिंदी भाषा का सम्मान बढ़ाते हैं. फिल्म के क्लाइमेक्स में अक्षय अंग्रेजी बोलते हैं और साबित करते हैं अंग्रेजी आना कोई बड़ी बात नहीं है.

गोलमाल

1979 में रिलीज़ हुई फिल्म आज भी लोगों को पसंद आती है. इस फिल्म में सभी किरदार एक से बढ़कर एक है. फिल्म में उत्कल जी ठान रखते हैं कि वो अपने दफ्तर में उसी को नौकरी देंगे जिसे अच्छी हिंदी आती हो. ऐसे में नौकरी पाने के लिए अमोल पालेकर डबल रोल की भूमिका निभाते है और उन्हें एहसास होता है कि हिंदी भाषा का भारत में क्या महत्व है.

चुपके चुपके

1975 में आई इस फिल्म में एक्टर धर्मेन्द्र ने कमाल की एक्टिंग की है. फिल्म में धर्मेन्द्र बेहद अच्छी हिंदी बोलते हुए नज़र आए. साथ ही उन्होंने ये भी बताया है कि हिंदी भाषा अपने आप में ही महान है.  

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