Kishore Kumar Birthday Special: किशोर कुमार के 10 सदाबहार गीतों को सुनते-सुनते नज़र डालते हैं उनसे जुड़ी कुछ दिलचस्प बातों पर

4 अगस्त, 1929 को जन्मे आभास कुमार गांगुली ने फिल्मी दुनिया में अपनी पहचान किशोर कुमार नाम से बनाई. आज उनके जन्मदिन के ख़ास मौके पर नज़र डालते हैं उनसे जुड़ी कुछ ख़ास बातों पर और सुनते हैं उनके बेहतरीन गाने

हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के सबसे कामयाब प्लेबैक सिंगर्स में से एक किशोर कुमार का आज जन्मदिन है. 4 अगस्त, 1929 को जन्मे आभास कुमार गांगुली ने फिल्मी दुनिया में अपनी पहचान किशोर कुमार नाम से बनाई. हिंदी फिल्म जगत का एक ऐसा गायक जिनके के नगमों ने सभी का दिल चुराया और लाखों के दिलों पर राज किया. नकी मधुर आवाज का जादू लोगों के सिर चढ़ कर बोला, और आज भी बोल रहा है. उनका जन्म 1929 में खंडवा, मध्य प्रदेश में हुआ था. वह अपने भाई बहनों में सबसे छोटे थे. आज के इस दौर में किशोर कुमार के गाये हुए गीत जब रेडियो, टीवी, अथवा पार्टी में बजते हैं तो लोग उस गाने को सुनकर मदहोश हो जाते हैं. किशोर दा अगर आज जिंदा होते तो 89 वर्ष के होते.

वो ना केवल एक गायक थे बल्कि गाना लेखक, एक्टर, कंपोजर, प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और स्क्रिप्ट राइटर भी रह चुके हैं. हिंदी गानों के अलावा उन्होंने बंगाली, मराठी, गुजरती, कन्नड़, मलयालम, भोजपुरी और उर्दू में भी गाने गाए हैंकिशोर कुमार को बतौर पाश्र्वगायक आठ बार फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है

Kishore

प्रोफेशनल लाइफ के साथ-साथ किशोर कुमार की पर्सनल किफे भी खूब चर्चा में रही है. किशोर कुमार ने चार शादियां की. उनकी पहली शादी रुमा देवी से हुई थी, लेकिन आपसी अनबन के कारण जल्द ही उनका तलाक हो गया. इसके बाद, उन्होंने मधुबाला के साथ शादी रचाई. मधुबाला के लिए उन्होंने अपना धर्म भी बदल लिया था और अपना नाम करीम अब्दुलरख लिया. कुछ सालों बाद मधुबाला ने दुनिया को अलविदा कह दिया. किशोर ने 1976 में अभिनेत्री योगिता बाली के साथ शादी की. लेकिन यह शादी भी ज्यादा दिन तक नहीं चल सकी. वर्ष 1980 में उन्होंने चौथी और आखिरी शादी लीना चंद्रावरकर से की.

किशोर कुमार ने वर्ष 1987 में फैसला किया कि वह फिल्मों से सन्यास लेने के बाद, अपने गांव खंडवा लौट जाएंगे. वह कहा करते थे, ‘दूध जलेबी खाएंगे खंडवा में बस जाएंगे’. लेकिन उनका यह सपना पूरा नहीं हो सका. 18 अक्टूबर, 1987 को दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया. उन्हें उनकी मातृभूमि खंडवा में ही दफनाया गया, जहां उनका मन बसता था.

सुनिए किशोर कुमार के कुछ बेहतरीन गाने

मेरे महबूब कयामत होगी’, ‘मेरे सामने वाली खिड़की में’, ‘मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू’ जैसे लोकप्रिय गीतों के लिए मशहूर पार्श्र्वगायक किशोर कुमार हिंदी फिल्म-जगत के एक ऐसे धरोहर हैंजिसे बनाने-संवारने में कुदरत को भी सदियों लग जाती है. आज भले ही वह हमारे बीच नहीं हैंलेकिन उनकी विरासत अमर है.

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