आलोक नाथ पर रेप का आरोप लगने के बाद सिंटा ने उन्हें नोटिस भेजने का फैसला लिया

आलोक नाथ ने अपने पक्ष में बात रखते हुए कहा कि “न मैं इस बात से इनकार कर रहा हूं और न ही मैं हां कह रहा हूं. वो (रेप) तो हुआ होगा. यकीनन हुआ होगा, मगर किसी और ने किया होगा."

जिस तरह से तनुश्री ने सामने आकर नाना पाटेकर के खिलाफ यौन शोषण का मामला सामने लाया. उसके बाद तो मानों इंडस्ट्री में इसकी लहर सी ही चल पड़ी. एक बाद एक पीड़ित सामने आकर अपने साथ हुई दुर्व्यवहार की जानकारी दे रहे हैं. ऐसे में अब 90 के दशक के मशहूर शो 'तारा' की लेखिका व निमार्ता विनता नंदा ने भी संस्कारी के नाम से मशहूर अभिनेता आलोक नाथ पर 2 दशक पहले अपने साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है. जिसके बाद खुद अभिनेता आलोक नाथ भी सामने आए और उन्होंने एक चैनल के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि न मैं इस बात से इनकार कर रहा हूं और न ही मैं हां कह रहा हूं. वो (रेप) तो हुआ होगा. यकीनन हुआ होगामगर किसी और ने किया होगा. खैरेमैं इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं बोलना‌ चाहता‌ क्योंकि बात निकली हैतो दूर तलक जायेगी."

इन सबके बीच 'द सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन' (सिंटा) ने आलोक नाथ को नोटिस भेजने का फैसला किया है. सिंटा के जनरल सेक्रेटरी सुशांत सिंह ने कहा कि आलोक को 'कारण बताओ' नोटिस भेजा जाएगा. उन्होंने नंदा से शिकायत दर्ज कराने का आग्रह किया और कहा, "हम आपको पूरा समर्थन देते हैं."



नंदा की पोस्ट में 'संस्कारी', 'मुख्य अभिनेता' और 'उस दशक का स्टार' जैसे शब्दों का जिक्र किया जाना साफ तौर पर आलोक नाथ की ओर इशारा कर रहा था. 

बाद में उन्होंने एसएमएस के जरिए आईएएनएस से इस बात की पुष्टि की और कहा, "यह आलोकनाथ है. मुझे लगा कि 'संस्कारी' कहना काफी होगा."

#मीटू मूवमेंट ने नंदा को भी अपने इस दुखद दास्तां को बयां करने के लिए प्रेरित किया. 

नंदा ने लिखा, "वह एक शराबी, लापरवाह और बुरा शख्स था लेकिन वह उस दशक का टेलीविजन स्टार भी था, इसलिए न केवल उसे उसके बुरे व्यवहार के लिए माफ कर दिया जाता था बल्कि कई लोग उसे और भी ज्यादा बुरा बनने के लिए उकसाते थे." 

उन्होंने कहा कि उसने शो की मुख्य अभिनेत्री को भी परेशान किया, जो उसमें बिल्कुल दिलचस्पी नहीं दिखाती थी. 

अपने साथ हुए सबसे बुरी घटना का जिक्र करते हुए नंदा ने कहा कि एक बार वह आलोक नाथ के घर पर हुई पार्टी में शामिल हुई और वहां से देर रात दो बजे के करीब घर जाने के लिए निकलीं. उनके ड्रिंक में कुछ मिला दिया गया था.

नंदा ने कहा, "मैं घर जाने के लिए खाली सड़क पर पैदल ही चलने लगी . रास्ते में उस शख्स ने गाड़ी रोकी, जो खुद चला रहा था और कहा कि मैं उनकी गाड़ी में बैठ जाऊं, मुझे घर छोड़ देगा. मैं उस पर विश्वास करके गाड़ी में बैठ गई."

नंदा ने कहा, "इसके बाद मुझे बेहोशी सी छाने के चलते हल्का-हल्का याद है. मुझे याद है कि मेरे मुंह में और ज्यादा शराब डाली गई और मेरे साथ काफी हिंसा की गई. अगले दिन जब दोपहर को मैं उठी, तो मैं काफी दर्द में थी. मेरे साथ सिर्फ दुष्कर्म ही नहीं किया गया था बल्कि मुझे मेरे घर ले जाकर मेरे साथ नृशंस व्यवहार किया गया था."

उन्होंने कहा, "मैं अपने बिस्तर से उठ नहीं सकी. मैंनै अपने कुछ दोस्तों को इस बारे में बताया लेकिन सभी ने मुझे इस घटना को भूलकर आगे बढ़ने की सलाह दी."

बाद में उन्हें एक नई सीरीज के लिए लिखने और निर्देशन करने का मौका मिला और फिर उनका सामना आलोक नाथ से हो गया. वह उन्हें फिर परेशान करने लगे जिसके चलते नंदा ने निमार्ताओं से कहा कि वह निर्देशन नहीं कर पाएंगी, हालांकि उन्होंने शो के लिए लिखना जारी रखा. 

नंदा ने बताया कि नई सीरीज पर काम करने के दौरान फिर अभिनेता ने उन्हें अपने घर बुलाया और वह फिर से वो सब झेलने के लिए उनके पास चली गई क्योंकि उन्हें काम और पैसे की जरूरत थी. 

नंदा ने इस तरह के वाकये का शिकार हुए लोगों से सामने आकर अपनी बात रखने की अपील की है. 

(आईएएनएस से इनपुट लेकर)

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