नहीं रहे मशहूर फिल्मकार और नेशनल अवॉर्ड विनर मृणाल सेन

रविवार को सुबह 10 बजे के करीब फिल्मकार मृणाल सेन आखिरी सांस ली. बताया जा रहा है कि उम्र संबंधी जटिलताओं के कारण उनका निधन हो गया.

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नहीं रहे मशहूर फिल्मकार और नेशनल अवॉर्ड विनर मृणाल सेन
दिग्गज फिल्म निर्माता और नेशनल अवॉर्ड विनर मृणाल सेन अब इस दुनिया में नहीं रहे हैं. रविवार को दक्षिण कोलकाता में मौजूद उनके घर पर उनकी मृत्यु हो गई. रविवार को सुबह 10 बजे के करीब उन्होंने आखिरी सांस ली. बताया जा रहा है कि उम्र संबंधी जटिलताओं के कारण निधन हो गया. वह 95 वर्ष के थे. उनके परिवार में सिर्फ एक बेटा कुणाल है. जो शिकागो में रहता है. ऐसे में उनके इंडिया आने के बाद ही उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया जाएगा.

मृणाल लंबे समय से बीमार चल रहे थे. उन्होंने सुबह 10 बजे के आसपास भौवानीपुर स्थित अपने घर में अंतिम सांस ली. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है.

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मृणाल सेन

मृणाल सेन ने 7 बार नेशनल अवॉर्ड अपने नाम किया. उन्होंने हिंदी और बंगाली सिनेमा को को एक से बढ़कर एक कई फ़िल्में दी है. देश के सर्वोच्च फिल्म सम्मान, दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित सेन ने वर्ष 1955 में फिल्म 'रात भोरे' के निर्देशन के साथ सिनेमा की दुनिया में कदम रखा था. इसमें उत्तम कुमार मुख्य भूमिका में थे. उन्हें 'नील आकाशेर नीचे', 'पदातिक', 'भुवन सोम' और 'एक दिन प्रतिदिन' जैसी फिल्मों के लिए पहचाना जाता है.पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है.


उन्होंने ट्वीट किया, "उनके निधन की खबर से दुख हुआ. यह फिल्म जगत के लिए बड़ा नुकसान है. मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं." प्रसिद्ध बांग्ला फिल्म निर्माता बुद्धदेव दासगुप्त ने उनके निधन को एक युग का अंत बताया. मशहूर बांग्ला अभिनेत्री-फिल्मकार अपर्णा सेन ने कहा कि एक निर्देशक और एक सहयोगी से कहीं अधिक, सेन उनके लिए परिवार के सदस्य जैसे थे. मृणाल सेन की फिल्म 'एक दिन प्रतिदिन' से करियर की शुरुआत करने वाले फिल्म व रंगमंच कलाकार कौशिक सेन ने कहा कि उनके पास अपने करियर पर सेन के प्रभाव को व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं.

उन्होंने कहा, "सेन के साथ मेरा रिश्ता बहुत व्यक्तिगत था..इस बिंदु पर बहुत कुछ नहीं कह सकता. मैंने उनसे अभिनय और फिल्म निर्माण के बारे में बहुत सारी तकनीकी बातें सीखीं. मैंने उनकी वजह से पहली बार कैमरे के सामने अभिनय किया और मेरी पहली फिल्म का निर्देशन उन्होंने किया था. मैंने उनके द्वारा बनाई गई आखिरी फिल्म में भी काम किया है."

दिग्गज अभिनेता रंजीत मलिक ने भी उन्हीं के तहत अपने अभिनय की शुरुआत की थी. उन्होंने कहा, "मृणाल सेन का नाम सत्यजीत रे और ऋत्विक घटक जैसों के साथ लिया जाता है. मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि वह नहीं रहे. यह दर्दनाक खबर है. मेरी पहली फिल्म उनके द्वारा निर्देशित थी. उनका सेन्स आफ ह्यूमर लाजवाब था. मुझे उनके चुटकुले बेहद पसंद थे."


आईएएनएस से इनपुट लेकर 
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