'बाजार' एक्टर रोहन मेहरा का दावा, कहा स्टारकिड्स के लिए सफलता आसान नहीं

रोहन ने फिल्म बाजार से बॉलीवुड डेब्यू किया. रोहन मेहरा विविधरंगी प्रतिभा के धनी विनोद मेहरा के पुत्र हैं. हालांकि वह बहुत पहले ही दुनिया छोड़ चले गए थे. लिहाजा रोहन को पिता का प्यार, लाभ नहीं मिल पाया है.

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'बाजार' एक्टर रोहन मेहरा का दावा, कहा स्टारकिड्स के लिए सफलता आसान नहीं

रोहन मेहरा विविधरंगी प्रतिभा के धनी विनोद मेहरा के पुत्र हैं. हालांकि वह बहुत पहले ही दुनिया छोड़ चले गए थे. लिहाजा रोहन को पिता का प्यार, लाभ नहीं मिल पाया है. वैसे उनका कहना है कि सफलता किसी के लिए भी आसान नहीं है. रोहन ने एक विशेष बातचीत में फिल्म 'बाजार' से अभिनय की दुनिया में कदम रखने के बारे में कहा, "मुझे खुशी है कि निखिल सर (निर्माता निखिल आडवाणी) ने मुझे यह मौका दिया और मुझे 'बाजार' के लिए चुना. मैंने इस बारे में पढ़ा है कि उन्होंने किस तरह कहानी को यश चोपड़ाजी की 'त्रिशूल' और 'दीवार' जैसी क्लासिक फिल्मों की तर्ज पर पर काम किया है."

उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि निखिल सर किसी नवोदित की तलाश में थे, क्योंकि यह एक अविश्वसनीय रूप से चुनौतीपूर्ण भूमिका है, और इसके लिए एक उच्चस्तर की प्रतिभा की आवश्यकता है." सैफ के साथ काम करने के अनुभव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "सैफ के साथ काम करना बहुत मजेदार रहा. वह एक मनोरंजक और जानकार व्यक्ति और शानदार अभिनेता हैं. उन्होंने सेट पर बहुत मदद की. उन्होंने मेरी पहली फिल्म का अनुभव ऐसा बनाया, जिसकी मुझे उम्मीद थी. मुझे लगता है कि इस प्रक्रिया में हम अच्छे दोस्त बन गए हैं."

मनोरंजन व्यवसाय में भाई-भतीजावाद के बारे में खूब चर्चा है. क्या आप मानते हैं कि सितारों के बच्चों के लिए सफलता आसान है? उन्होंने कहा, "मेरी राय में, सफलता किसी के लिए कभी भी आसान नहीं है. कड़ी मेहनत, प्रतिबद्धता और भाग्य आपको सफल बनाता है. मुझे नहीं लगता कि सितारों के बच्चों के लिए सफलता आसान है. आखिर में हर नवोदित एक लंबा और सफल करियर बनाना चाहता है. किसी फिल्म स्टार का पुत्र होना, या फिल्म उद्योग के किसी हस्ती का पुत्र होना सफलता की गारंटी नहीं हो सकती है."

क्या पिता विनोद मेहरा की कोई फिल्म पुत्र रोहन के दिल के बहुत करीब है? उन्होंने कहा, "मैं उनकी कई फिल्मों का प्रशंसक हूं. इनमें से किसी एक को बताना मुश्किल है. हालांकि, यदि आप बताने को मजबूर करेंगे तो मैं 'बेमिसाल' या 'घर' का नाम लूंगा. साथ ही, मैं यह भी मानता हूं कि 'अनुरोध' में मेरे पिता का किरदार और उनकी प्रस्तुति मेरे दिल के बहुत करीब है."

आपने बहुत कम उम्र में पिता को खो दिया था. उनके साथ की स्मृतियों के बारे में कुछ कहेंगे? "दुर्भाग्य से, मुझे अपने पिता को जानने का सौभाग्य कभी नहीं मिला. जब मैं अपनी मां की कोख में था तभी उनका निधन हो गया. हालांकि, मुंबई जाने के बाद मुझे उन लोगों से मिलने का मौका मिला, जो उनके करीब थे और इसके माध्यम से मैं उस महान व्यक्ति के बारे में जान रहा हूं."

स्टारडम का अर्थ पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "स्टारडॉम का मतलब जनता से जुड़ना है. यह हमेशा जनता से जुड़ाव के बारे में ही होता है. मेरा मानना है कि यह खासियत अतीत और वर्तमान के प्रत्येक स्टार में होती है."

-आईएएनएस

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