Shocking! ऐसा कोई कानून नहीं बना है जो पैसे लेकर पॉलिटिकल पार्टी का समर्थन करने से सेलेब्स को रोके

इसने भले ही अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया हो लेकिन उन्हें ऐसा करने से रोका नहीं जा सकता है, क्योंकि संबंधित भारतीय कानून इस मुद्दे पर चुप है.

386 Reads |  

Shocking! ऐसा कोई कानून नहीं बना है जो पैसे लेकर पॉलिटिकल पार्टी का समर्थन करने से सेलेब्स को रोके

कोबरापोस्ट की जांच पड़ताल में कई बॉलीवुड सेलेब्रिटीज पैसे लेकर राजनीतिक दलों के लिए सोशल मीडिया पर प्रचार करने के लिए हामी भरते पकड़े गए हैं. इसने भले ही अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया हो लेकिन उन्हें ऐसा करने से रोका नहीं जा सकता है, क्योंकि संबंधित भारतीय कानून इस मुद्दे पर चुप है. कोबरापोस्ट के स्टिंह में पता चला है कि भारतीय फिल्म और टीवी उद्योग के 30 से अधिक अभिनेता/अभिनेत्रियां पैसों की खातिर सोशल मीडिया पर अपने निजी खातों के माध्यम से राजनीतिक दलों के प्रचार-प्रसार पर सहमत हुए हैं.

देश के शीर्ष साइबर कानून विशेषज्ञ पवन दुग्गल ने आईएएनएस से कहा, "राजनीतिक दलों से पैसे लेकर उनके हित में ट्वीट करना अनैतिक जरूर है, लेकिन गैर-कानूनी नहीं है. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 इस पर पूरी तरह से चुप है." जांच से जो पता चला है वह 'प्रभावशाली लोगों द्वारा किए जा रहे मार्केटिंग' का बहुत छोटा सा हिस्सा है. सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव से विज्ञापन की यह एक नई अर्थव्यवस्था पैदा हुई है.  यह भी पढ़ें: Cobrapost Sting Operation में हुआ बॉलीवुड का भांडाफोड़- कई सेलेब्स पैसों के लिए करना चाहते थे पोलिटिकल पार्टियों का प्रमोशन

दुनिया भर में, इंस्टाग्राम के 1 अरब से ज्यादा सक्रिय मासिक यूजर्स हैं. वहीं, इसकी पैरेंट कंपनी फेसबुक के 2.3 अरब से ज्यादा सक्रिय मासिक यूजर्स हैं और ट्विटर पर रोजाना 1.6 करोड़ लोग लॉग इन करते हैं. वाट्सएप एक दूसरा शक्तिशाली प्लेटफार्म है, जिसके भारत में 20 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं.  इन सोशल मीडिया प्लेटफार्म की पहुंच को देखते हुए अंदाजा लगाया जा सकता है कि इंफ्लूएंसर मार्केटिंग (प्रभावशाली लोगों द्वारा जनमत तैयार करना) का कारोबार कितना बड़ा हो सकता है. यह भी पढ़ें: Cobrapost के स्टिंग में नहीं फंसी सौम्या टंडन; कहा- पैसे कमाने के कई तरीके हैं, हर चीज में एक्टिंग नहीं कर सकते

सोशल मीडिया विशेषज्ञ अनूप मिश्रा ने आईएएनएस से कहा, "शुरुआत में केवल सेलिब्रिटी ही मार्केटिंग करते हुए ब्रांड का प्रचार करते थे. लेकिन सोशल मीडिया के आने के बाद हर कोई सेलिब्रिटी हो गया है, राजनीति समेत हर कुछ का कारोबार हो रहा है." अमेरिका में यह नियम है कि भुगतान लेकर पोस्ट करने पर उसका खुलासा करना होता है कि यह पेड पोस्ट है या निजी राय है. हालांकि वहां भी इस नियम का पालन बहुत कम हो रहा है, जबकि भारत में तो ऐसा कोई नियम भी नहीं है. चुनाव सिर पर है, ऐसे में राजनीतिक दल इस मुद्दे पर कोई शिकायत नहीं कर रहे. वाट्सएप के एक कार्यकारी ने हाल ही में राजनीतिक दलों को उसके प्लेटफार्म के दुरुपयोग को लेकर चेतावनी भी दी है.

They say the best things in life are free! India’s favourite music channels 9XM, 9X Jalwa, 9X Jhakaas, 9X Tashan, 9XO are available Free-To-Air.  Make a request for these channels from your Cable, DTH or HITS operator.
Advertisement
Advertisement
  • Trending
  • Photos
  • Quickies