Exclusive: लीप जॉब पर बोली आशका गरोडिया, कहा- कोई मुझे जज क्यों करेगा?

अभिनेत्री आशका गरोडिया अपने लीप जॉब को लेकर इन दिनों खबरों में है ऐसे में हमने उनसे खास बात की जहां उन्होंने कई मुद्दों पर कहकर बात की.

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Exclusive: लीप जॉब पर बोली आशका गरोडिया, कहा- कोई मुझे जज क्यों करेगा?
सबसे पहले आपके लीप जॉब के बारे में बात करते हैं.
10 साल पहले, मैगजीन को उनके सुंदर कवर के कारण बेचा गया, है ना? और उस कवर पर आने वाली लड़की का परफेक्ट होना जरूरी था. लेकिन तब इतनी सारी तकनीक आसपास नहीं थी.

बोलते रहिए.
अब, तकनीक उपलब्ध है. लेकिन हम लोगों को सशक्त बनाने के लिए तैयार नहीं हैं. वास्तव में, हम केवल शरीर को शर्मिंदा करना चाहते हैं। हम पूछते हैं: हे भगवान, उसके साथ क्या गलत है? उसने खुद के साथ क्या किया है?

बाबा, उसने कुछ भी नहीं किया है सिर्फ खुद को सुंदर बना दिया है.
लेकिन ऐसी सर्जरी बाद में गलत साबित हो जाती हैं.
इन दिनों ऐसा नहीं है, जब मेडिकल साइंस काफी एडवांस हो गया है. इसके बाद भी कुछ मामले गलत हो गए हैं, तो किसने सोशल मीडिया को उन लोगों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करने का अधिकार दिया है. इससे हम केवल अपने आत्मविश्वास को खत्म कर देते हैं.


आपने ये लीप जॉब क्यों करवाया?
मुझे लगा कि फुलर लिप्स मुझ पर अच्छा लगेगा, यह व्यक्तिगत पसंद है, खूबसूरती 100 साल पहले भी महत्वपूर्ण थी. क्या हमने महिलाओं की पेंटिंग्स नहीं देखी हैं जो मध्यकालीन युग में भी एकदम सही बनाई गई हैं?

क्या हम होंठ को बढ़ाने के लिए होंठ और लाइनर का उपयोग नहीं करते हैं? 
इन सबके उपर ये सुनना सबसे हास्यास्पद है कि इसने सर्जरी करवाई है. दरअसल इसमें कोई चाकू इस्तेमाल नहीं किया जाता है. लोगों को वास्तव में पढ़ने की जरूरत है.


लीप जॉब को समय समय पर उसे नवीनीकृत करने की जरूरत है.
बहुत सी कंपनियां ऐसा करती हैं. हर प्रोडक्ट की अपनी लाइफ होती हैं. जिसे एड किया जा सकता है या निकाला जा सकता है. मैं ये कहना चाहती हूं कि मैं लीप जॉब को सपोर्ट नहीं करती. सौंदर्यीकरण अपराध नहीं है और किसी को भी दूसरों को जज करने काअधिकार नहीं है कि उन्होंने खुद के साथ क्या किया है.

मीडिया को भी ऐसा नहीं करना चाहिए पहले और बाद की तस्वीरें एक साथ रखने से वो सिर्फ कमेंट को इनवाईट करते हैं. आप जानते है कि लोग किस तरह का कमेंट करते हैं ऐसी खबरों पर. क्या ये सही हैं? हम कहां आ गए हैं? किस समय में रह रहे हैं?

फिर तो भाई, अगर दांत टूट जाए तो लोगों को डेंटिस्ट के पास भी नहीं जाना चाहिए. लोगों को अपने बालों को कलर लगाना भी बंद कर देना चाहिए. लोगों को एंटी-एजिंग क्रीम लगाना बंद कर देना चाहिए. सभी सौंदर्य उत्पादों का उपयोग बंद करो.


उपाय क्या है?
पत्रकारों को अपनी कलम की शक्ति का प्रयोग करते हुए जनता को शिक्षित करने की आवश्यकता है. उम्मीद है कि चीजें बेहतर होंगी और कोई भी दूसरे को फेक और प्लास्टिक नहीं बुलाएगा.

कुछ लोग गंजा हो जाते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि वो इसमें कूल लग रहे हैं मैं इसके साथ बिल्कुल ठीक हूं, लेकिन दूसरे लोगों का क्या? वे उसे 'गांजा' कहते हैं. कोई मतलब है?


क्या आप मुझे बता रही हैं कि आप अपने पति ब्रेंट को कुछ भी नहीं कहोगी, अगर वह ऐसा कुछ करते या पहनते है जो आप पसंद नहीं करते?
चीजों को कहने का एक तरीका होता है. मैं आपको एक उदाहरण देती हूं. अगर मुझे लगता है कि मूंछ आपको सूट करती और जब अगर इसे निकाल देते हो तो मैं ये नहीं कहूंगी 'छी ये क्या कर दिया' बल्कि मैं कहूंगी "मुझे लगता है कि आप मूंछ में कहीं बेहतर दिखते हैं." कोई भी रिमार्क मजाकिया नहीं होना चाहिए.
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